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पंजाब का इतिहास
1. पंजाब का पुराना नाम
पंजाब के बजुर्ग बताते है के पंजाब का पुराना नाम पंजअभ था , पंज का मतलब 5 नदियों और अभ का मतलब पानी | तो Punjab का नाम 5 नदियों के नाम पर रखा गया है .पंज अभ नाम से जानने के बाद पन्दर्वी सदी में सब इसे पंजाब के नाम से जानने लगे.

1947 में भारत और पाकिस्तान के बटवारे में 5 नदियों में से 3 नदियाँ (सतलुज, रावी,बेआस) भारत में बेहती है और 2 नदियाँ (चनाब,जेलम) पाकिस्तान में बहती है |पंजाब भारत के उतर पश्चिमी में स्थित है, जहाँ की भूमि भारत की सबसे जादा अनाज पैदा करने वाला राज्य है .जहाँ पर पर्यटकों की संखेया बदने का मुख कारन जहाँ की सुन्दरता ,प्रसिद्ध धार्मिक स्थान महत्वपूरण कारन है|जिससे लाखो पर्यटक हर साल इस पंजाब की धरती में गुमने और धार्मिक स्थानों के दर्शन करने आते रहते है |
2. पंजाब का रहन सहन
PUNJAB की सरहदी स्टेट —1. पूरब में हिमाचल प्रदेश 2. पूरब दक्षिन में हरयाणा 3.साउथवेस्ट में राजस्तान और पाकिस्तान 4. नोर्थ में जम्मू & कश्मीर है .
5 नदियों के नाम
आपको बतादे के पंजाब का पुराना नाम इन 5 नदियों के नाम पर रखा गया है
1. सतलुज 2. रावी 3. बेआस 4. चनाब 5. जेलम
पंजाब के बारे में जानकारी
क्षेत्रफल | 50,362 km² |
पंजाब की राजधानी | चंडीगढ़ |
Punjab CM | charanjit Singh channi 19/09/2021 |
कुल जिल्ले | 23 |
हाई कोट | पंजाब और हरयाणा हाई कोट चंडीगढ़ |
चीफ जस्टिस | रवि संकर झा |
मेम्बर ऑफ़ असेम्बली | 117 |
लोक सबा सीट | 17 |
राज सबा सीट | 07 |
पापुलेसन | 2.8 करोड़ (2012) की जनगणना के अनुसार |
local भाषा | पंजाबी |
पंजाब का लोक नाच | भागरा |
सिविल एयरपोर्ट | 6 |
अंतर्राष्ट्रीय एअरपोर्ट | (१). श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय एअरपोर्ट ATQ अमृतसर (२). अंतर्राष्ट्रीय एअरपोर्ट चंडीगढ़ |
3 . पंजाब का खान पान

देश के हर राज्य का कोई न कोई परसिद खान पान होता है पंजाब का रहन सहन और खाना सबसे पसदीदा खाना है -सरसों का साग और माकी की रोटी जो के हर घर में बनाया जाता है जो के छोटे बच्चो से लेकर बड़े बजुर्ग तक सब इसको बहुत पसंद करते है|
4. पंजाब का पहनावा
पुरसो का पहरावा –भारत देश मे रहने वाले लोगो का पहरावा बहुत कलरफुल और बहुत सुन्दर है लेकिन आज हम बात कर रहे है देश के राज्य पंजाब की जहाँ पर लोगो का पहरावा बहुत ही दिलकश है जहाँ अपर बात आती है पुरसो की तो कुड़ता पजामा और पंजाबी जुती पंजाब का पसदीदा पहनावा है,

सर्दियों में कुड़ता पजामा के साथ कलरफुल स्वेटर और गले में मोफ्रल पहन के रखने का सोंक है,सिख लोग सिर में पगरी पहनते है जो गुरुओ ने आदेश दिया है ,बदलते समय के साथ पंजाब का पुराना नाम लोगो के दिलो में अभी भी राज करता है, लेकिन लोग अभी दीरे दीरे आपना पहनावा जेसे की जींस पेंट, टीसर्ट पहना शुरु कर रहे है|
महिला का पहनावा- पंजाब की महिला चूड़ीदर कुड़ता पहनना पसंद करती है जो के पंजाब को सोड पुरे भारत देश में महिलाये इसको पहना पसंद करने लगी है , जो के दो अलग अलग भाग है जिसको सलवार और कमीज कहा जाता है ,सलवार और कमीज के साथ कलरफुल दुपट्टा /फुलकारी सूट की सुन्दरता को और भी बड़ा देती है|
अमृतसर के पर्यटन स्थल
1. गोल्डन टेम्पल (golden temple ) अमृतसर
भारत में पंजाब का रहन सहन पुरे देश से अच्छा माना जाता,जेसे ही बात आती है , जिला अमृतसर में स्थित श्री हरमिंदर साहिब की तो इस के नाम से जाने वाले गुरुदुवारे की परसिदी दुनियां में सोच में सबसे जादा है.

अमृतसर एअरपोर्ट से लगभाग 12 किलोमीटर और अमृतसर रेलवे स्टेसन से लगभग 2.5 किलोमीटर की दुरी में स्थित है.खुबसूरत सफ़ेद संगमरमर और बहुत बड़े सरोवर के बीचो बिच सोने की परत से बना हुवे गुरुदुवारे की सुन्दरता दुनियां के मनो को मोह जाती है ,हर साल लाखो सलानी गोल्डन टेम्पल की सुन्दरता को देखने के लिए अमृतसर (गोल्डन टेम्पल) में आते है,
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जलयान वाला बाग
इस के बाद जलयान वाला बाग जहा पर जर्नल डायेर ने न्हाथे हजरों आंदोलनकारियों पर गोली चली थी , वहा पर एक कुहां है जहा पर आंदोलनकारियों ने गोलियों से बचने के लिए कुहें में सलंग लगई 50 फिट से भी जादा गहरा कुवा पूरा आंदोलनकारियों से भर गया .

सब के सब एक दुसरे के निचे आ कर सहीद हो गये .सहिदो की याद में सहीद समार्क जोत बनी हुयी है , Punjab में वगाह बॉर्डर पर शाम को सन्मान के साथ राष्ट्रीय फ्लेग उतरने की परेड को देखने के लिए हजारो लोग आते है.
2. जालंधर :- जालंधर में बड़े बड़े उद्योग स्थापित है -जहाँ पर अमाम्म नजीर मस्जिद ,सेंत मेरी गिरजाघर,तुलसी मंदिर ,सरदार भगत सिंह नागराले देखने को मिल्जाते है.|3. लुधियाना:- सतलुज के किनारे में बसा लुधियाना पंजाब का बहुत बड़ा उद्योगिक सहर है ,जहाँ पर आपको टाइटल जू ,लोदी किला ,और महाराजा रंजित सिंह वर्मोरियल गुमने को मिल जायेगे |4. भटिंडा :-पंजाब का रहन सहन के साथ एक प्राचीन शहर है ,जहा पर 2000 हजार साल से भी पुरानी वस्तुये मिल चुकी है ,भठिंडा में आप भठिंडा का किला ,रोज गार्डन ,किला मुबारक ,भठिंडा जील,और जू देखने को मिल जाते है |
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5. रोपड़ (रूपनगर):-Punjab का पुराना प्राचीन शहर है . जहा पर अनादपुर साहिब ,चमकोर साहिब ,भाखरा नंगल डेम बहुत मसुहर है |6. पटियाला :- एक राजसी शेहर हुवा करता था , जहा पंजाबी राजपूत ,मुग़ल ससंकृति का अनोखा संगम है .जहा पर गुमने के स्थान किला मुबारक,मोती महल ,सी महल है |7. हरिके :- अगर आपको पक्षियों से प्यार है तो आप जहा पर सतलुज और बेआस के मेल के स्थान पर सर्दियों में दुसरे देशों से हजारों किलोमीटर की दुरी तह कर आये पक्षियों को दिखने का नजारा ले सकते है |
पंजाब का प्रमुख त्यौहार
जब पंजाब का पुराना नाम था तब से लेकर अब तक बहुत सारे त्यौहार मनाये जाते है जेसे के लोहरी ,बैशाखी , रख्षा बंदन ,होल्ली ,दीपावली ,दोसेहरा .क्रिस्त्मस ,और गुरुवो के परब etc.आप सब इन त्योहारों के बारे में जानते है ,लेकिन आपको को आज पंजाब के दो पर्मुख त्योहारों के बारे में बतयेगे १. लोहरी 2. बैसाखी |
1. लोहरी .
भारत में काफी त्यौहार मनाये जाते है ,लोहरी Punjab state में मुख त्यौहार में जाना जाता है जे पंजाब में खुशीयों का त्यौहार है जे त्यौहार जनवरी में महाघ (देसी )महिना आने से एक दिन पहले मनाया जाता है ,इस त्यौहार की परम्परा बहुत पुराणी है .
ढाकू दुल्ला भट्टी
इस दिन में ढाकू दुल्ला भट्टी ने एक गरीब बरह्मण की दो बेटियों सुन्दरी और मुंदरी को एक जालम हाकम के जुनगल से छुड़ाकर उनकी शादी आपने हाथो से करवाई थी,इस गटना को याद रखने के लिए आग जला कर और एक मशहुर गाना ( सुन्दर मुंदरिये तेरा कोन विचारा दुल्ला भट्टी वाला ) गा कर मनाया जाता है.
लोहरी देवी
सब लोग आग के चरों आवर अपने मित्रों ,दोस्तों ,रिस्तेदाओं के साथ मिलकर गाना गाते मुगफली ,गाचेक,खाते आग के बंद होने तक जे परक्रिया जारी रहती है ,इस त्यौहार का सबंद लोहरी देवी के नाम पर रखा गया है उस दिन लोहरी देवी ने एक अतेयाचारी राक्षक को मारा था |
2 . बैसाखी
जे त्यौहार इत्हसिक, धार्मिक ,संस्क्रति से सबंदित है जे त्यौहार 13 अप्रेल सगारंगद के दिन मनाया जाता है और गेहू की फसल पकने की खुसी में मनाया जाता है इस दिन को पंजाब में किसानो का मेला भी कहा जाता है इस दिन किसान मेला लगते और खुशियाँ मानते है और पंजाब का लोक नाच (भागरा) करते है |
धार्मिक महत्त्व :-
इस दिन धार्मिक और से भी महत्वपूर्ण है इस दिन सिखों के दसवे गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अनादपुर साहिब के केसगढ़ में बारी दीवान सजा कर 13 अप्रेल को खालसा पंथ की सथापना की थी और पंज पेयारेरो को अमृत दिया था इस दिन श्री अनादपुर साहिब में बहुत ही सरदा और धूमधाम से मनाया जाता है
ऐतिहासिक महत्त्व:-
बैसाखी के दिन 13 अप्रेल 1919 में जलयान वाला बाग़ अमृतसर Punjab में इकठे हुए भारतीओं पर गनरल डायर ने गोलियों से बुन दिया था इस में लगभग 20 हजार से भी अदिक थे बहुत सारे इकठे हुए भर्तियो ने कुहे में सलग लगा दी थी उस कुहे को खुनी कुहा कहा जाता है आज भी वहां गोलियों के निसान है |
FAQ
Q 1. हरियाणा का गठन कब हुआ था ?
Ans. 1 नवंबर 1966
Q 2. पंजाब में कुल कितना जिले है ?
Ans. पंजाब के कुल 23 जिले है
Q 3. हरियाणा पूर्वी पंजाब का हिस्सा कब बना था?
Ans. भारत और पाकिस्तान के विभाजन के दुरान भारत में जो पंजाब का हिशा था तब पंजाब और हरयाणा एक ही था जिसका नाम पंजाब था |
Q 4.Punjab ka new CM 2021
Ans. charnjit singh channi 19/09/2021
Q 5. Punjab CM name 2021
Ans. charanjit Singh channi
Q 4. पंजाब राज्य की स्थापना कब हुई थी?
Ans. 1 नवंबर 1966 में
Q 5.पंजाब की वेशभूषा क्या है?
Ans. पंजाब में महिलाएं सलवार-कमीज़ पहना करती है जो की पंजाब की पारंपरिक पोशाक भी मानी जाती हैं। पंजाब में male कुरता पजामा और चादर कमीज मुख पहरावा है |
Q 6. पंजाब का खान पान क्या है ?
Ans. सरसों का साग और माकी की रोटी और लासी पंजाब का पसंदीदा खाना है |
निष्कर्ष
आज हमने आपको पंजाब का पुराना नाम क्या है के बारे पुरे वितर से आपके साथ शेयर किया है ,आपको इसमें कोई नोलिज मिली हो तो आपने दोस्तों से शेयर करो अगर आपको लगता कोई हमरे लिए सोज्व हो कमेन्ट में लिखे पड़ने के लिए धनवाद, अगर आप इंग्लिश में पड़ना चाहते हो तो आप विकिपीडिया में जा सकते है|
पोस्ट पड़ने के लिए —धन्यवाद
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